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बृजेश गुप्ता व दयाराम पटेल ने नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक के उपर लगाया लापरवाही का आरोप

चंदौली समाचार डेस्क • 03 सितमबर 2026, 10:56 बजे • 95 बार पढ़ा गया
बृजेश गुप्ता व दयाराम पटेल ने  नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक के उपर लगाया लापरवाही का आरोप

डीडीयू नगर/ मुगलसराय शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बृजेश गुप्ता व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दयाराम पटेल ने अपने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुगलसराय नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक के लापरवाही, हठधर्मिता, अमानवीय कृत्य की सारी सीमाएं तब पर हो गई जब कल शाम को नई सट्टी स्थित जीटी रोड पर एक गाय मरणासन्न अवस्था में पड़ी हुई थी इसकी सूचना नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक को खुद मैंने तीन बार दिया लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंका, गाय पूरी रात घनघोर बारिश में उसी जगह पड़ी कंपकंपाती रही, किसी तरह गाय खिसकते खिसकते सुबह रस्तोगी गली तक आई, हमारे साथ कुछ साथियों ने जो हो सका गाय की सेवा में जुटे रहे और सुबह ही इसकी सूचना फोन व व्हाट्सएप जिलाधिकारी महोदय व उप जिला अधिकारी महोदय को दी गई, तब जाकर विभागीय लोग गाय को वहां से ले गए, गाय के शरीर पर काफी जख्म हो गए हैं शरीर से हड्डी भी बाहर निकल कर दिख रहा था, गए लगभग 20 घंटे तड़पती रही
यह सफाई निरीक्षक की अमानवीय कृत्य दर्शाता है, वही प्रदेश सरकार द्वारा गौ सेवा की बातें कहीं ना कहीं इस घटना से बेमानी नजर आती है, या फिर कर्मचारी सरकार के आदेशों का खिल्ली उड़ाते हैं
उक्त सफाई निरीक्षक की निष्क्रियता की वजह से आज पूरे शहर की नालिया- गली -रास्ते पानी से भरे पड़े हुए हैं जबकि नगर में आउटसोर्सिंग, संविदा व अस्थाई लगभग ढाई सौ सफाई कर्मी हैं इतने कर्मचारी होने के बावजूद भी नगर की स्थिति इनके पद पर मनोनीत होने के बाद नारकीय बनी हुई है, सफाई निरीक्षक कभी भी फील्ड का दौरा नहीं करते हैं, जबकि बोर्ड से प्रस्ताव प्राप्त है कि प्रतिदिन इनका काम से कम एक वार्ड का निरीक्षण करना है लेकिन बोर्ड के नियम व कानून का भी उल्लंघन सफाई निरीक्षक द्वारा किया जा रहा है, वे जल्दी फोन भी नहीं उठाते हैं उनकी तानाशाही और ऐशो आराम से नगर के सामाजिक कार्यकर्ता व आम जनता पूरी तरह पीड़ित है
जिला प्रशासन से मांग है कि गाय के प्रकरण की जांच कर सफाई निरीक्षक के ऊपर मुकदमा दर्ज की जाए और कठोर कार्रवाई की जाए
वही साफ सफाई, जल भराव के निकासी की मुकम्मल व्यवस्था की जाए, सफाई निरीक्षक के कार्यशैली की जांच की जाए
नहीं तो कांग्रेस जन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी